तर्ज : बहुत प्यार करते हैं तुमको सनम | गरीबों को मोहन निभाना पड़ेगा | Mukesh Meena


 



गरीबो को मोहन निभाना पड़ेगा
अनाथों के स्वामी कहाना पड़ेगा

पुकारे किसे हम ना कोई हमारा
तुम्हारे सिवा अब ना कोई सहारा
कृपा की नज़र से बुलाना पड़ेगा

भटकते भटकते बहुत ही थके है
व्याकुल हुआ मन कदम रुक चुके है
चरण की शरण मे ले आना पड़ेगा

रखोगे गरीबों की जो दीन हालत
अमीरों सी रखो बाबा इनकी हिफाज़त
तो हाँ कहके सीने से लगाना पड़ेगा

हमारी नज़र से नज़र जब मिलेगी
हरइक पल में करुणा हमको मिलेगी
तो दो बूंद आंसू बहाना पड़ेगा

भिखारी युगल प्रेम की भीख मांगे
सकल मन से सेवक आशीष मांगे
कृपा का खजाना लुटाना पड़ेगा

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