मिलने की तुम कोशिश करना - फिल्मी तर्ज भजन (पहले कभी नहीँ सुना होगा) | Mukesh Kumar Meena Bhajan


Bhajan : Ayenge Ek din Lene ko 
singer : Mukesh Kumar
writer: Guru Gajesingh ji
music : original song Karaoke

Milne Ki Tum koshish Karna

 आएंगे इक दिन लेने को,यम के उड़नखटोले
बैरी बंजारा यूँ बोले x2
बैरी बंजारा यूँ बोले 

औरों का हित-स्वार्थ खा गया,सत्य की करके चोरी
खुद अपने ही गले मे बांधी,दुष्कर्मों की डोरी
तब तो आँख मूँद ली थी अब, मूंड पकड़कर रोले
बैरी बंजारा यूँ बोले 

ग़ैर की मजबूरी का तूने,अनुचित लाभ उठाया
राम ही जाने किन दांतों से, उस बेकस को खाया
तुमको ही फल खाने होंगे, बीज पाप का बोले
बैरी बंजारा यूँ बोले 

रब ने तो नही रचा था ये जग,खूनी दाढ़ों वाला
फिर मानव के भीतर मानव, कहाँ से आया काला
इसको तो बस वो जाने जो, अपना हिया टटोले
बैरी बंजारा यूँ बोले 

सौ बरसों का धन जोड़ूँ बस, सदा ये चिंता होती
पर तुझको मालूम नही तू , एक औंस का मोती
ज्यूँ-ज्यूँ धूप खिलेगी तू, ढल जाए हौले-हौले
बैरी बंजारा यूँ बोले


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